कोरोना के स्टेप डाउन मरीजों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को दें प्राथमिकता:मनोहर - Discovery Times (Maharashtra)

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कोरोना के स्टेप डाउन मरीजों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को दें प्राथमिकता:मनोहर

कुरुक्षेत्र 6 मई:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ स्टेप डाउन मरीजों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी भी गंभीर रोगी जो अस्पताल में दाखिला लेने के लिए संघर्ष कर रहा हो उसे जल्द से जल्द आवश्यक उपचार मिल सके। प्रदेश में वैश्विक कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने और प्रभावी ढंग से इसका मुकाबला करने के लिए समय-समय पर सक्रिय रणनीतियां बनाई जा रही है। पिछले आठ दिनों में उन्होंने स्वयं 17 जिलों का दौरा किया है और कोविड-19 की रोकथाम के बारे में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। इतना ही नहीं आगामी कुछ दिनों में पांच ओर जिलों का दौरा करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार कोविड-19 मामलों में वृद्धि की संभावना है। इसलिए सभी उपायुक्तों को अब इस महामारी की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और कोविड-19 प्रबंधन की तैयारियों जैसे टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने, क्लिनिकल मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ जन-जागरूकता गतिविधियां विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ानी होंगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीरवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र जिले में कोविड प्रबंधों का आंकलन करने के लिए नियुक्त की गई राज्य सरकार की प्रधान सचिव जी अनुपमा और उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से कोरोना के प्रबंधों को लेकर फीडबैक रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में सामान्य, आईसीयू और ऑक्सीजन युक्त बैड की उपलब्धता तथा निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए गए है। उन्होंने जिला उपायुक्तों को मानव जाति की सेवा के भाव से काम करने और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही, ऑक्सीजन की समय पर आपूर्ति, बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और टेस्टिंग सुविधाओं में तेजी लाने के लिए समर्पित प्रयास करने के भी निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों के साथ की कोरोना नियंत्रण के संबध में तैयारियों की समीक्षा, ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए जिलों में टीमें गठित करे, रैपिड एंटीजन टेस्ट पर दे जोर, ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए स्वास्थ्य जांच शिविर, प्रधान सचिव जी अनुपमा ने दी कुरुक्षेत्र से सम्बन्धित प्रबंधों की फीडबैक


उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की नियमित ऑडिटिंग की जानी चाहिए ताकि ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के संबंध में वर्तमान और भविष्य की रणनीतियां बनाई जा सके। प्रदेशभर के प्रत्येक अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति और मांग की निगरानी के लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति जल्द से जल्द गठित की जाए। उपायुक्त स्वयं ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करें और ऑक्सीजन टैंकर की अनलोडिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित की जानी चाहिए। एंटीजन टेस्ट पर अधिक जोर देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप और जागरूकता शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वर्तमान में राज्य का ऑक्सीजन कोटा 257 मीट्रिक टन है और केंद्र सरकार से इस कोटा को बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया गया है। तदानुसार पूरे राज्य में निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन टैंकर की अनलोडिंग जल्द से जल्द हो ताकि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति श्रृंखला बरकरार रहे।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में भर्ती किए गए रोगियों की संख्या, ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखे गए मरीजों की संख्या और ठीक हुए रोगियों की संख्या से संबंधित सभी प्रकार का डाटा को दैनिक आधार पर हरियाणा हील और एनएचएम पोर्टल पर अपडेट किया जाना सुनिश्चित करें। इससे आवश्यकता अनुसार ऑक्सीजन कोटा और अन्य सुविधाओं की रणनीतियां बनाने में आसानी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि कोविड-19 पॉजीटिविटी दर को कम करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाए। इसके अलावा, आरटीपीसीआर टेस्ट के साथ-साथ हर जिले में एंटीजन टेस्ट करने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं गांव में जांच शिविर लगाए जांए और लोगों को जागरुक किया जाए।

प्रधान सचिव जी अनुपमा ने कुरुक्षेत्र जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं पर फीडबैक देते हुए कहा कि इस जिले में जिलास्तरीय निगरानी कमेटी का गठन किया जा चुका है, यह कमेटी नियमित रुप से कोरोना के प्रसार को रोकने और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने पर समीक्षा कर रही है। सभी अधिकारी आपसी तालमेल के साथ दिन-रात काम कर रहे है। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि कोरोना से संक्रमित मरीजों के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है, सभी अधिकारी योजनाबद्घ तरीके से आक्सीजन की आपूर्ति के प्रबंधों में लगे हुए है। इस जिले में लॉकडाउन के आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जा रही है। इस मौके पर उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, सीएमओ डा. सुखबीर सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. अनुपमा सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

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